दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव कहते हैं, "दिल्ली में भले ही भाजपा की सरकार बन गई हो, लेकिन दोनों (आप और भाजपा) पार्टियों की कार्यप्रणाली एक जैसी है। वे बस दूसरी पार्टियों और सरकारों पर दोष मढ़ते हैं.क्या कारण है कि दिल्ली में AQI 500 के आंकड़े को छू गया है? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रात 11 बजे के बाद पटाखे नहीं फोड़ने चाहिए, लेकिन सरकार ने दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या किया? दिल्ली की जनता उन्हें करारा जवाब देगी क्योंकि वे सिर्फ दोषारोपण का खेल खेल रहे हैं
दिवाली की रात हुई आतिशबाजी को प्रदूषण में इस अचानक और भारी वृद्धि का मुख्य कारण माना जा रहा है। हवा की गति बेहद कम हो गई है (हवा थमना) और तापमान में भी गिरावट आई है। इस कारण प्रदूषक तत्व (जैसे PM2.5 और PM10) हवा में ऊपर उठकर बिखर नहीं पा रहे हैं और जमीन के पास ही जमा होकर स्मॉग (Smog) की स्थिति पैदा कर रहे हैं।
पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाएं भी दिल्ली के प्रदूषण में योगदान दे रही हैं।वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल और कचरा जलाना भी प्रदूषण के स्तर को लगातार बढ़ा रहे हैं।AQI: ताजा आंकड़ों के मुताबिक, औसत AQI 354 दर्ज किया गया है, जो "बहुत खराब" (Very Poor) श्रेणी में है। हालांकि, 35 में से 32 निगरानी स्टेशन 300 (बहुत खराब) के आंकड़े को पार कर चुके हैं।बढ़ते प्रदूषण के खतरे को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का चरण-2 (Stage-II) लागू कर दिया है। जितना संभव हो, घर से बाहर निकलने से बचें, खासकर बच्चे, बुजुर्ग और वे लोग जिन्हें सांस संबंधी बीमारियां (जैसे अस्थमा) हैं।सुबह और शाम की सैर, जॉगिंग या किसी भी तरह के आउटडोर व्यायाम से पूरी तरह बचें।