सोशल मीडिया पर बनाए जाने वाले ऑनलाइन चैटिंग ग्रुप को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि किसी भी ग्रुप पर अभद्र मैसेज या किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर ग्रुप एडमिन दोषी नहीं होगा। उस पर किसी भी तरह का मानहानी का मुकदमा नहीं दायर किया जा सकेगा।