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रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर लग सकता है 100% तक टैरिफ, सूची में भारत भी शामिल

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Wed, 15 Jul 2026 11:01 AM IST

अमेरिकी सीनेट में दोनों प्रमुख दलों (रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक) के सांसदों ने रूस के खिलाफ एक सख्त आर्थिक प्रतिबंध विधेयक पेश किया है, जिसका सीधा असर भारत पर भी पड़ सकता है। इस नए संशोधित मसौदे के तहत रूस से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की खरीद जारी रखने वाले देशों पर अधिकतम 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। यूक्रेन युद्ध के लिए रूस की आर्थिक ताकत को कमजोर करने के उद्देश्य से लाए गए इस विधेयक के दायरे में भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे शीर्ष पांच तेल खरीदार देशों को रखा गया है। हालांकि, इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति को विशेष परिस्थितियों में राहत देने का अधिकार भी शामिल है और साथ ही रूस के 'शैडो फ्लीट' (गुप्त तेल टैंकरों) पर भी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए रियायती दरों पर रूसी तेल का आयात बढ़ाया है। भारत हमेशा से यह स्पष्ट करता रहा है कि उसकी ऊर्जा नीति किसी बाहरी दबाव में नहीं, बल्कि विशुद्ध रूप से राष्ट्रीय हितों के आधार पर तय होती है। चूंकि यह अभी केवल एक प्रस्तावित विधेयक है, इसलिए इसे कानून बनने के लिए प्रतिनिधि सभा और राष्ट्रपति की मंजूरी जैसी कई संवैधानिक प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो आने वाले समय में भारत के लिए अपनी ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक कूटनीति और अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों के बीच संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

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