बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष लगातार सवाल खड़े कर रहा है. इस बीच लोक लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का बयान सामने आया है. उन्होंने विपक्ष पर अपने राजनीतिक लाभ के लिए जानबूझकर SIR के बारे में गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया. उनका कहना जिस तरह से विपक्ष SIR को लेकर भ्रम फैला रहा है वो उसकी पुरानी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है. विपक्ष ने हमेशा ऐसे मामलों पर भ्रम पैदा करने की कोशिश की है. चिराग पासवान ने SIR के मुद्दे पर विपक्ष पर दोहरा मानदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए इसकी आलोचना की. उन्होंने सवाल किया कि विपक्ष उस कवायद पर कैसे आपत्ति कर सकता है जिसकी पूर्व में उन्होंने खुद मांग की थी. उन्होंने कहा कि ये बात समझ से परे है कि जब कोई समस्या होती है तो विपक्ष शिकायत करता है और जब उस समस्या का समाधान किया जाता है तब भी विपक्ष सवाल उठाता है.
बिहार में जारी SIR का समर्थन करते हुए चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि इसी प्रक्रिया का उपयोग करते हुए पहले भी चार बार ऐसी कवायद की गई है. बस अंतर इतना है कि अब यह ज्यादा सुविधाजनक हो गया है. दस्तावेजों को भौतिक रूप से जमा करने के बजाय यह सब ऑनलाइन किया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर आप तीन बार अपील भी कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि किसी भी वैध मतदाता को गलत तरीके से वोटर लिस्ट से बाहर नहीं किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि देश के नागरिक, वैध व्यक्ति को किसी भी अन्याय का सामना नहीं करना पड़ेगा. लेकिन घुसपैठिये को कोई अवैध अधिकार नहीं दिया जाएगा. वहीं जेडीयू के राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा ने भी SIR की वकालत की. उन्होंने कहा कि फर्जी मतदान को रोकने के लिए निर्वाचन आयोग की यह कवायद जरूरी है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि चुनाव नतीजों के डर से विपक्ष इसका विरोध कर रहा है. नेता ने कहा कि विपक्ष को पता है कि बिहार चुनाव के नतीजे क्या होंगे. उन्होंने कहा कि जिस तरह से विपक्ष ने लोकसभा चुनाव से पहले संविधान पर सवाल उठाया था वैसे ही अब उन्हें एक और बहाना मिल गया है. उन्होंने बताया कि 98 प्रतिशत मतदाता अपने आवेदन जमा कर चुके हैं. उन्होंने ये भी कहा कि किसी भी वैध मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से बाहर नहीं किया जाएगा.