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कलकत्ता लॉ कॉलेज केस में CCTV से हुआ बड़ा खुलासा!

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Mon, 30 Jun 2025 02:13 PM IST

कोलकाता के प्रतिष्ठित साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की भयावह वारदात ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। अब इस मामले में एक अहम सबूत सामने आया है — एक CCTV फुटेज, जो इस दर्दनाक घटना की पुष्टि करता है और पुलिस जांच को नई दिशा देता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CCTV फुटेज में दो आरोपी युवकों को पीड़िता को जबरन घसीटते हुए कॉलेज परिसर के अंदर ले जाते हुए देखा गया है। यह वही स्थान है जहां 25 जून को लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ कथित रूप से दुष्कर्म किया गया था।

कोलकाता पुलिस के सूत्रों ने बताया कि पीड़िता की शिकायत में दर्ज बातें इस वीडियो से मेल खाती हैं। फुटेज में देखा गया कि मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा, जो कॉलेज का पूर्व छात्र है, ने दो अन्य लोगों की मदद से पीड़िता को जबरन कॉलेज गार्ड रूम में खींचकर ले जाया। वहां कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “फुटेज में तीनों आरोपी, पीड़िता और एक सुरक्षा गार्ड भी नजर आ रहे हैं। पीड़िता की FIR में जो घटनाक्रम बताया गया था, वही इस वीडियो में भी साफ दिख रहा है। हम फुटेज की फोरेंसिक जांच करवा रहे हैं।”

पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा कि मनोजीत ने उसे गार्ड रूम में चलने के लिए मजबूर किया और जब उसने मना किया तो दो अन्य छात्रों ने उसे पकड़कर घसीटा। गार्ड रूम में मनोजीत ने उसके साथ बलात्कार किया, जबकि अन्य दो ने उसका वीडियो रिकॉर्ड किया और धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो वीडियो वायरल कर देंगे।

पुलिस को शक है कि दुष्कर्म की इस घटना के पीछे मुख्य कारण पीड़िता द्वारा मनोजीत मिश्रा के विवाह प्रस्ताव को ठुकराना था। इस ठुकराए जाने के बाद आरोपी ने साजिश 
के तहत इस घटना को अंजाम दिया।

घटना के बाद कोलकाता पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया है –
    1.    मनोजीत मिश्रा (मुख्य आरोपी, पूर्व छात्र)
    2.    प्रोमित मुखर्जी (कॉलेज छात्र)
    3.    जैद अहमद (कॉलेज छात्र)
    4.    कॉलेज का सुरक्षा गार्ड

इन चारों पर IPC की गंभीर धाराओं, यौन उत्पीड़न, सामूहिक बलात्कार, आपराधिक षड्यंत्र और डिजिटल ब्लैकमेलिंग के तहत केस दर्ज किया गया है।

कोलकाता पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसकी अगुवाई एक सहायक आयुक्त रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। टीम ने अब तक कॉलेज स्टाफ, छात्र-छात्राओं और चश्मदीदों से पूछताछ की है।

इसके अलावा पीड़िता को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएशन भी करवाया गया, ताकि जांच में तथ्यात्मक स्पष्टता लाई जा सके।

इस दिल दहला देने वाली घटना पर राज्य में राजनीतिक उबाल भी तेज हो गया है। भाजपा ने इस कांड को ममता सरकार की नाकामी करार दिया और सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक विरोध जताया।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एक चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जो कोलकाता आकर पीड़िता और प्रशासन से बात कर अपनी रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को सौंपेगी। समिति में सांसद कविता पाटिल, लॉकेट चटर्जी, अग्निमित्रा पॉल और अंशु वर्मा को शामिल किया गया है।

भाजपा नेता अमित मालवीय ने इस मामले को लेकर टीएमसी सरकार को घेरते हुए कहा, “एक छात्रा को कॉलेज कैंपस के अंदर घसीटकर बलात्कार किया गया। वीडियो बनाया गया। पुलिस को सबूत के लिए CCTV का इंतजार करना पड़ा। यह बंगाल की कानून-व्यवस्था की असलियत है।”

वहीं, कांग्रेस और वाम दलों ने भी इस मुद्दे को विधानसभा और मीडिया में उठाया है।

साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने पूरी घटना की आंतरिक जांच शुरू कर दी है और आरोपी छात्रों की उपस्थिति व व्यवहार को लेकर पुराना रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।

कोलकाता की सड़कों पर, खासकर कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों ने पोस्टर और कैंडल मार्च के जरिए इस घटना के खिलाफ आवाज़ उठाई है। #JusticeForKolkataLawStudent हैशटैग के तहत ट्विटर और इंस्टाग्राम पर हजारों लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।

NCPCR और NCW (राष्ट्रीय महिला आयोग) ने मामले का संज्ञान लिया है। महिला आयोग की एक टीम जल्द ही कोलकाता दौरे पर आ सकती है।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या भारत के शैक्षणिक संस्थान वाकई में छात्राओं के लिए सुरक्षित हैं? कॉलेज परिसर, गार्ड रूम, CCTV फुटेज – सब कुछ होते हुए भी यदि एक छात्रा दरिंदगी का शिकार होती है, तो यह केवल अपराध नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता है।

अब यह देखना होगा कि एसआईटी की जांच कब तक पूरी होती है, और क्या पीड़िता को जल्द और सख्त न्याय मिल पाता है? या यह केस भी बाकी मामलों की तरह धीरे-धीरे सिसकता हुआ फाइलों में दफ्न हो जाएगा?

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