बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी नेता सम्राट चौधरी ने रविवार को मीडिया से बातचीत में आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि इस बार का चुनाव साफ-साफ ‘लालूवाद’ और ‘नीतीशवाद’ की लड़ाई है. जनता को तय करना होगा कि वह विकास चाहती है या विनाश. सम्राट चौधरी ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर तीखा कटाक्ष किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली की राजनीति में एक युवराज है, जिसके परिवार ने 55 साल तक सत्ता का सुख भोगा है. वहीं बिहार में भी एक ऐसा परिवार है जो खुद को ही राजा मानता है.
सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया कि जब तक लालू यादव सासाराम नहीं पहुंचे, तब तक राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ शुरू ही नहीं हुई. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहचान भी लालू यादव की वजह से मिली है, वरना उनकी यात्रा का कोई असर नहीं होता. बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कांग्रेस ही वह पार्टी है जिसने लालू यादव को जेल भेजा था. ऐसे में अब लालू और कांग्रेस का राजनीतिक मेल लोगों को गुमराह करने के लिए है. उन्होंने कहा कि आज राहुल गांधी और लालू यादव मंच साझा करते हैं, लेकिन जनता सब देख रही है.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि अखिलेश कभी स्वतंत्र मुख्यमंत्री नहीं रहे. उनके ऊपर तीन-तीन सुपर मुख्यमंत्री थे. पहले मुलायम सिंह यादव, फिर रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव. उन्होंने आगे कहा कि अब तो उनका कुनबा और भी बड़ा हो गया है. धर्मेंद्र यादव, बच्चा यादव और डिंपल यादव भी सक्रिय राजनीति में आ गए हैं. ऐसे हालात में अखिलेश यादव के लिए स्वतंत्र रूप से कोई निर्णय लेना संभव ही नहीं है.सम्राट चौधरी ने अखिलेश यादव और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश को लूटने का काम किया है. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या अखिलेश यादव अपने परिवार के बाहर किसी व्यक्ति को मुख्यमंत्री बना सकते हैं? उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि सपा केवल परिवारवाद की राजनीति करती है और यही कारण है कि वहां विकास की जगह केवल स्वार्थ और वंशवाद को बढ़ावा मिला है.