राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने की घटना पर रामबन विधायक अर्जुन सिंह राजू कहते हैं, ". हम एक टाइम बम पर बैठे हैं। अगर हम जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग को गंभीरता से नहीं लेंगे, तो ये घटनाएँ आम हो जाएँगी। नीति निर्माताओं और सरकारों को एक साथ बैठकर एक व्यापक नीति बनाने की ज़रूरत है।" जम्मू कश्मीर के रामबन जिले के राजगढ़ गांव में शुक्रवार और शनिवार की दरमियान रात बादल फटने की बड़ी घटना सामने आई है. इस हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है, जबकि दो लोग अभी भी लापता हैं. घटना रात करीब 12 बजकर 30 मिनट पर हुई, जब भारी पानी के तेज बहाव ने गांव में तबाही मचाई. अचानक आए पानी के तेज बहाव ने राजगढ़ गांव में दो मकान और एक स्कूल भवन को पूरी तरह बहा दिया. लोग उस समय गहरी नींद में थे, जिससे बचने का मौका भी नहीं मिल सका.
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव दल को मौके पर भेजा. एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस टीमें मिलकर लापता लोगों की तलाश कर रही हैं. मलबे में फंसे लोगों की खोज के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया गया है. रामबन प्रशासन ने इस घटना के बाद पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया है. अधिकारियों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं. प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.
हिमाचल प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में शुक्रवार को भारी बारिश ने तबाही मचा दी. हिमाचल के मंडी जिले के गोहर इलाके में देर रात बादल फटने से नांडी पंचायत के नसेंणी नाले में कई गाड़ियां बह गईं. शिमला के जतोग कैंट में लैंडस्लाइड हुआ, जिसके बाद सेना की रिहायशी इमारतों को खाली कराना पड़ा. पंजाब के अमृतसर, पठानकोट समेत आठ जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. करीब 250 गांवों में 5 से 15 फीट तक पानी भर गया है. अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है और तीन लोग लापता बताए जा रहे हैं.
उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर जिलों में भी शुक्रवार को बादल फटने की घटनाएं हुईं. इसमें पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 11 लोग लापता हैं. बागेश्वर के कपकोट क्षेत्र में कई मकानों को नुकसान पहुंचा है.