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Nitish Kumar Oath: नीतीश कुमार के अगले 5 साल बहुत मुश्किल! जनता मांगेगी हिसाब

वीडियो डेस्क/ अमर उजाला डॉट कॉम Updated Thu, 20 Nov 2025 05:04 PM IST

पूरे गर्मजोशी और खचाखच भरे गांधी मैदान में नीतीश कुमार ने शपथ ले ली और अगले 5 साल का कार्यकाल फिक्स कर लिया। नीतीश का शपथ ग्रहण तो सबसे शानदार था लेकिन क्या उनके आने वाले दिन भी शानदार रहेंगे। दरअसल बिहार के सीएम की कुर्सी हमेशा चुनौतियों से भरी होती है। ऐसी ही कई चुनौतियां नीतीश के सामने हैं। कहा जाता है कि नीतीश के सामने एक बड़ी मुश्किल उनकी सेहत और बढ़ती उम्र को लेकर हो सकती है. 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में इसी प्रचंड बहुमत में नीतीश कुमार के लिए कई मुश्किलें भी छिपी हो सकती हैं. बिहार के वोटरों ने जिन वादों के आधार पर नीतीश पर भरोसा जताया है, जनता की उम्मीदें उन वादों को लेकर होगी. ख़ासकर नौकरी, रोज़गार, उद्योग, पेंशन, मुफ़्त बिजली जैसे कई वादे हैं, जिन्हें पूरा करना और बनाए रखना बिहार जैसे आर्थिक तौर पर कमज़ोर राज्य से लिए आसान नहीं होगा.  हिन्दी भाषी राज्यों में बिहार ही एकमात्र राज्य है, जहाँ बीजेपी अब तक अपना मुख्यमंत्री नहीं बना पाई है. इस बार भी सबसे बड़ी पार्टी होकर बीजेपी नीतीश कुमार के सहयोगी की भूमिका में है. ये स्थिति भी भविष्य में राजनीतिक तौर पर भी उनके सामने चुनौती खड़ी कर सकती है. "नीतीश कुमार के सामने वादों की एक लंबी सूची है. जिस तरह से बीते कुछ समय में बिहार का ख़ज़ाना अलग-अलग योजनाओं के लिए खोल दिया गया, जिसमें 1.5 करोड़ महिलाओं को दस हज़ार रुपये देना शामिल है. ये एक बड़ी चुनौती है। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए ने जो बड़े वादे किए हैं, उनमें ग़रीबों को मुफ़्त राशन, 125 यूनिट मुफ़्त बिजली, पांच लाख तक के मुफ़्त इलाज की सुविधा देंगे. 50 लाख नए पक्के मकान और सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने के वादे शामिल हैं. हालांकि बिजली तो चुनाव से पहले ही नीतीश कुमार ने फ्री कर दी थी। 
नीतीश कुमार ने जब पहली बार अपने पूरे कार्यकाल के लिए बिहार की सत्ता संभाली थी, उस वक़्त केंद्र में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए की सरकार चल रही थी.

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