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Azam khan Case:आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में आजम खां को कारावास की सजा,क्या बोले अनिल राजभर?

Sun, 17 May 2026 06:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

उत्तर प्रदेश: प्रदेश सरकार में मंत्री अनिल राजभर ने सपा नेता आजम खान को दो साल के कारावास की सजा सुनाए जाने पर कहा, "आज न्यायालय ने एक बड़ा फैसला किया है। सारे सिस्टम, शासन-प्रशासन और समाज को भी अपने जूते के नोंक पर रखने वाली मानसिकता से भरे हुए आजम खान के खिलाफ आज न्यायालय ने फैसला सुनाया है.वो जमाना याद कीजिए जब पूरे उत्तर प्रदेश में भय का वातावरण हुआ करता था.अधिकारियों से जूता साफ करवाने की मानसिकता  आजम खान की रही। जैसी करनी-वैसी भरनी के नारे को आज उत्तर प्रदेश की धरती पर चरितार्थ किया जा रहा है. पूरी दुनिया से अपने आप को ऊपर समझने वाले आजम खान के खिलाफ न्यायालय ने सजा सुनाई है लेकिन इसका जरा भी असर आप समाजवादी पार्टी के नेताओं के अंदर नहीं देख पाएंगे

Azam Khan को एक पुराने मामले में अदालत ने दोषी करार देते हुए दो साल की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला जिला अधिकारी (डीएम) के खिलाफ कथित विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा था। अदालत के फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, आजम खान पर आरोप था कि उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान तत्कालीन डीएम के खिलाफ ऐसी टिप्पणी की थी जिसे प्रशासनिक अधिकारी की गरिमा के खिलाफ माना गया। इस मामले में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई थी और लंबे समय से अदालत में सुनवाई चल रही थी। 

अब अदालत ने उपलब्ध सबूतों और गवाहों के आधार पर उन्हें दोषी मानते हुए दो वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के इस फैसले को कानून के शासन और सार्वजनिक पदों पर बैठे अधिकारियों के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस फैसले का असर आजम खान की राजनीतिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। भारतीय कानून के अनुसार, दो साल या उससे अधिक की सजा मिलने पर जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत जनप्रतिनिधि की सदस्यता पर असर पड़ सकता है। हालांकि, अंतिम स्थिति अदालत की आगे की प्रक्रिया और अपील पर निर्भर करेगी। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इस मामले को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देखा है, जबकि विरोधी दलों का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी नेता को मर्यादा में रहकर बयान देना चाहिए। आजम खान पहले भी कई मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं और उन पर विभिन्न आरोपों में कई मुकदमे दर्ज हैं। अदालत के फैसले के बाद उनके समर्थकों में निराशा देखी जा रही है, जबकि विपक्षी दल इसे न्यायिक प्रक्रिया की जीत बता रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और उच्च अदालत में संभावित अपील पर सभी की नजर बनी हुई है।

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