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Asia Cup 2025: टॉस से पहले की कहानी आई सामने, हैंडशेक विवाद में खुलासा

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Fri, 19 Sep 2025 02:58 PM IST

यह कहानी क्रिकेट के मैदान पर हुई उस घटना की है जिसने भारत-पाकिस्तान मैच के बाद माहौल को गरमा दिया। यह केवल एक साधारण खेल विवाद नहीं था, बल्कि इसमें कूटनीति, प्रोटोकॉल और क्रिकेट की राजनीति सब कुछ शामिल हो गया। मामला था हाथ मिलाने का एक ऐसा संकेत जो खेल भावना का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार यह राजनैतिक परिस्थितियों में उलझ गया भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी मैच होता है, सिर्फ खिलाड़ियों का प्रदर्शन ही सुर्खियों में नहीं आता, बल्कि मैदान से बाहर की घटनाएँ भी चर्चा का विषय बन जाती हैं। दुबई में खेले गए एशिया कप के ग्रुप ए मुकाबले से पहले भी कुछ ऐसा ही हुआ।

टॉस से ठीक चार मिनट पहले, मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को अचानक एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के वेन्यू मैनेजर ने जानकारी दी कि भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा टॉस के बाद हाथ नहीं मिलाएँगे। यह निर्देश बीसीसीआई की ओर से आया था और बताया गया कि भारतीय सरकार की मंजूरी से ही यह निर्णय लिया गया। पायक्रॉफ्ट के लिए यह एक अजीब स्थिति थी क्योंकि प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें पहले आईसीसी को सूचित करना चाहिए था। लेकिन समय बहुत कम था सिर्फ चार मिनट। ऐसे में उन्होंने बिना देर किए यह जानकारी पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा को दे दी ताकि उन्हें मैदान पर असहज स्थिति का सामना न करना पड़े।

मैच खत्म हुआ और भारत ने पाकिस्तान को हरा दिया। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने पूरा मामला आईसीसी के सामने रख दिया। पीसीबी का आरोप था कि एंडी पायक्रॉफ्ट ने कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन किया है। उन्होंने आईसीसी से यह भी मांग की कि पायक्रॉफ्ट को तुरंत मैच रेफरी की जिम्मेदारियों से हटा दिया जाए।पीसीबी यहीं नहीं रुका। उसने धमकी दी कि अगर पायक्रॉफ्ट को हटाया नहीं गया तो पाकिस्तान टीम यूएई के खिलाफ होने वाले अपने अगले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी। यह धमकी एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में एक बड़ा संकट खड़ा कर सकती थी।आईसीसी ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच की। लेकिन निष्कर्ष साफ था पायक्रॉफ्ट ने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया था। उन्हें अचानक आखिरी क्षण में जानकारी दी गई थी और उनके पास आईसीसी को बताने का समय ही नहीं था। ऐसे में उन्होंने सही समझा कि सीधे पाकिस्तानी कप्तान को बता दिया जाए ताकि स्थिति बिगड़े नहीं।

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