दिल्ली के लाल किले के पास हुए बम धमाके के बाद राजधानी की सड़कों पर दहशत का साया गहराता जा रहा है। धमाके की गूंज थमी भी नहीं थी कि सुरक्षा एजेंसियों को एक और बड़ा इनपुट मिला दिल्ली में अब भी एक आतंकी आज़ाद घूम रहा है। उसके पास लाल रंग की ईको स्पोर्ट्स कार है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर दिल्ली का बताया जा रहा है।
सीसीटीवी फुटेज में यह कार धमाके से कुछ देर पहले और बाद में कई इलाकों में देखी गई है। इस खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। राजधानी को हाई अलर्ट पर रख दिया गया है, जबकि सभी भीड़-भाड़ वाले बाज़ारों, ऐतिहासिक स्थलों और वीवीआईपी इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का फरीदाबाद मॉड्यूल दिल्ली में सक्रिय था। जांच में पता चला है कि इस मॉड्यूल से जुड़े संदिग्ध दो कारों में दिल्ली पहुंचे थे। एक हरियाणा नंबर की आई-20 कार थी, जिसमें लाल किले के सामने धमाका किया गया, जबकि दूसरी लाल ईको स्पोर्ट्स अब भी फरार बताई जा रही है।
स्पेशल सेल के अधिकारियों के अनुसार, दोनों कारें बदरपुर बॉर्डर से एक साथ दिल्ली में दाखिल हुई थीं और चांदनी चौक पार्किंग में भी साथ देखी गईं। यही नहीं, आई-20 में बैठे संदिग्धों से ईको स्पोर्ट्स कार वाला आतंकी बात करते हुए कैमरे में कैद हुआ है।
अब तक के इनपुट के अनुसार, ईको स्पोर्ट्स में सवार संदिग्ध का कोई सुराग मंगलवार देर रात तक नहीं मिल सका था। दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया है। चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध कारतूस भी मिले हैं जो किसी सरकारी एजेंसी के नहीं हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियां और ज्यादा सतर्क हो गई हैं।
सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि धमाके के पीछे डॉक्टरों के नेटवर्क से जुड़ा जैश-ए-मोहम्मद मॉड्यूल है। फरीदाबाद मॉड्यूल के दो सदस्य — डॉ. मुजम्मिल अहमद और डॉ. शाहीन पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
डॉ. उमर मोहम्मद, जो पेशे से डॉक्टर हैं, इस मॉड्यूल का अहम सदस्य था। माना जा रहा है कि अपने साथियों की गिरफ्तारी की खबर पाकर उसने डर के मारे दिल्ली पहुंचकर लाल किले के पास आत्मघाती धमाका कर दिया।
जांच में और भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है पकड़ी गई डॉ. शाहीन जैश की महिला विंग की प्रमुख है। वह सादिया अजहर मसूद की बहन है, जो पाकिस्तान में जैश की महिला शाखा की हेड है। सादिया का पति यूसुफ अजहर 1999 के कंधार हाईजैक का मास्टरमाइंड था।
डॉ. शाहीन को भारत में महिला भर्ती की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शाहीन और मुजम्मिल दोनों ने भारत में ‘सोशल सर्विस’ की आड़ में आतंकी नेटवर्क खड़ा किया था।
लाल किला ब्लास्ट से कुछ घंटे पहले ही फरीदाबाद के धौज इलाके में एक किराये के मकान से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, असॉल्ट राइफलें, और टाइमर डिवाइस बरामद की गई थीं। वहां से गिरफ्तार किए गए डॉक्टर मुजम्मिल गनई ने जैश नेटवर्क की पुष्टि की थी।
इसी नेटवर्क का हिस्सा लखनऊ से गिरफ्तार डॉ. परवेज़ अंसारी भी बताया जा रहा है। यूपी एटीएस ने उससे कई लिंक उजागर किए हैं।
धमाके के बाद सबसे बड़ा सवाल खड़ा हुआ है फरीदाबाद में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने के बावजूद दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क क्यों नहीं हुईं?
लाल किले जैसा हाई-सिक्योरिटी ज़ोन होने के बावजूद आतंकी आसानी से वहां तक पहुंचा, यह लापरवाही अब पूरे सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर रही है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, फिलहाल ईको स्पोर्ट्स कार की तलाश में 200 से ज्यादा टीमें तैनात की गई हैं।
राजधानी में हर लाल कार की जांच की जा रही है और सभी सीमाओं पर चेकिंग बढ़ा दी गई है।