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America Attack on Iran: अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने भी दी कड़ी चेतावनी, कहा गंभीर परिणाम के लिए तैयार रहे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 22 Jun 2025 02:04 PM IST

ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने रविवार को ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हवाई हमले करने के लिए अमेरिका की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) का गंभीर उल्लंघन बताया। 'एक्स' पर पोस्ट किए गए कड़े शब्दों वाले बयान में अराघची ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य अमेरिका पर शांतिपूर्ण परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर आपराधिक व्यवहार करने का आरोप लगाया।
  ईरानी विदेश मंत्री ने एक पोस्ट में कहा, ' आज सुबह की घटनाएं अपमानजनक हैं। इसके अनंत परिणाम होंगे। संयुक्त राष्ट्र के प्रत्येक सदस्य को इस बेहद खतरनाक, कानूनविरोधी और आपराधिक व्यवहार से चिंतित होना चाहिए।' वैश्विक समुदाय से इस पर ध्यान देने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वाशिंगटन की ओर से की गई खतरनाक और कानूनविहीन कार्रवाइयों से संयुक्त राष्ट्र के प्रत्येक सदस्य को चिंतित होना चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत प्रावधानों का हवाला देते हुए अराघची ने यह भी कहा कि ईरान के पास आत्मरक्षा का अधिकार है। वह इसके प्रयोग के लिए स्वतंत्र है। ईरान के पास ऐसे सभी विकल्प सुरक्षित हैं। पोस्ट में कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर और इसके प्रावधानों के अनुसार जो आत्मरक्षा में वैध प्रतिक्रिया की अनुमति देते हैं, ईरान अपनी संप्रभुता, हित और लोगों की रक्षा के लिए सभी विकल्प सुरक्षित रखता है। यह बयान अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद आया है, जिसमें कल रात तीन प्रमुख ईरानी परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फाहान को निशाना बनाया गया।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने रविवार को ईरान के खिलाफ किए गए घृणित हमलों और बल के अवैध उपयोग के लिए सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाने की मांग की। राजदूत आमिर सईद इरावानी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सबसे शक्तिशाली निकाय को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अमेरिका को जवाबदेह ठहराने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने चाहिए। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान इन बेवजह और पूर्व नियोजित आक्रामक कृत्यों की कड़ी निंदा करता है, जो 13 जून को इस्राइल की ओर से ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु स्थलों और सुविधाओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य हमले के बाद हुए हैं।
 

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