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Akhilesh Yadav on BJP: महंगाई के मुद्दे पर अखिलेश ने भाजपा पर निकाली भड़ास, जमकर सुनाई खरी-खोटी!

Sat, 13 Jun 2026 04:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav शुक्रवार को एटा पहुंचे, जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। विभिन्न राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने महंगाई, रुपये की स्थिति और आम लोगों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

मई महीने में खुदरा महंगाई दर 3.93 प्रतिशत रहने के सरकारी आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भारत सरकार और भाजपा से सही आंकड़ों की उम्मीद नहीं की जा सकती। उनका आरोप था कि वास्तविक स्थिति सरकारी आंकड़ों से अलग है और आम जनता लगातार बढ़ती महंगाई का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।

सपा प्रमुख ने कहा कि बाजार में महंगाई साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले जिस चाय की कीमत कम हुआ करती थी, वह अब 20 से 25 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह खाद्य पदार्थों, परिवहन और अन्य आवश्यक सेवाओं की लागत भी लगातार बढ़ रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि महंगाई वास्तव में नियंत्रण में होती, तो लोगों को अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने में इतनी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता।

उन्होंने भारतीय मुद्रा की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। उनके अनुसार, किसी भी देश की आर्थिक मजबूती का एक महत्वपूर्ण संकेतक उसकी मुद्रा होती है और रुपये में गिरावट अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है, जिसका सीधा असर परिवहन लागत और अन्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है।

अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि यदि महंगाई इसी तरह बढ़ती रही तो देश की अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों से आम जनता की क्रय शक्ति कमजोर होती है, व्यापार प्रभावित होता है और आर्थिक विकास की गति पर भी असर पड़ता है। उन्होंने केंद्र सरकार से महंगाई नियंत्रण, रोजगार सृजन और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

अपने संबोधन के दौरान अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि सरकार को केवल आंकड़ों के आधार पर सफलता का दावा करने के बजाय जनता की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, आम नागरिक की जेब पर पड़ने वाला बोझ ही अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है और सरकार को उसी आधार पर अपनी नीतियां बनानी चाहिए।

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