अहमदाबाद में एअर इंडिया विमान हादसे में 270 लोगों की मौत होने के एक सप्ताह बाद 211 मृतकों की डीएनए मिलान के जरिये पहचान कर ली गई है। 189 शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर एअर इंडिया के विमान हादसे के एक सप्ताह बाद भी उसके पिछले हिस्से सहित मलबा अब भी घटनास्थल पर बिखरा पड़ा है क्योंकि जांचकर्ता पूरी घटना की जांच कर रहे हैं और हादसे की वजह का पता लगाने के लिए सुरगों की तलाश में हैं।
अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज में 12 जून को हुए दिल दहलाने वाले विमान हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। इस हादसे में सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवाई।कई लोगों के परिवार तक तबाह हो गए। लेकिन फरीदाबाद के मेडिकल छात्र केशव भड़ाना ने मौत को मात देकर एक छात्र बचा। एमबीबीएस के दूसरे वर्ष के छात्र केशव उस समय हॉस्टल की मेस में लंच कर रहे थे, जब एक Air India विमान उनकी बिल्डिंग पर आ गिरा। कैसे उन्होंने इस भयावह हादसे से अपनी जान बचाई। केशव ने हादसे वो मंजर बताया जो सुनकर आप दंग रह जाएगे । केशव ने बताया कि एक पल में, कई लोग मलबे के नीचे दब गए। उनमें से चार की मौके पर ही मौत हो गई - ठीक उसकी आँखों के सामने। वह कई मेडिकल छात्रों में से एक है जो अभी भी दुर्घटना से उबर रहा है।
केशव उस समय मलबे में दब गए थे। उनके सिर, हाथ, जांघ और कमर में गहरी चोटें आईं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. "मैंने अपने चेहरे को हाथों से ढक लिया था, जिससे चोटें तो आईं, लेकिन जान बच गई. मेरा निचला शरीर मलबे में फंस गया था. मैंने पास पड़ा एक सूटकेस का कपड़ा निकालकर अपने सिर पर बांधा ताकि खून ज्यादा न बहे," केशव ने बताया. उन्होंने खुद को मलबे से निकाला और पास ही मौजूद लोगों की मदद से स्कूटी से दो किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचे.