अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए मोदी की नेतृत्व क्षमता, दृढ़ इच्छाशक्ति और भारत के विकास में उनकी भूमिका की खुलकर प्रशंसा की। ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक मजबूत, बुद्धिमान और दूरदर्शी नेता हैं, जिन्होंने भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने मोदी को अपना अच्छा मित्र बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा और प्रभाव को लगातार बढ़ाया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि मोदी ने लोकतांत्रिक तरीके से जनता का विश्वास बार-बार हासिल किया है और यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मोदी भविष्य में भी भारत को नई सफलताओं की ओर ले जाएंगे और देश के विकास की गति को और तेज करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने 10 जून 2026 को 4,399 दिनों का लगातार कार्यकाल पूरा करते हुए भारत के प्रथम प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru के 4,398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस उपलब्धि के साथ वे भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए। मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, इसके बाद 2019 और 2024 के आम चुनावों में भी उन्हें लगातार जनादेश प्राप्त हुआ। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर भारत और दुनिया भर के अनेक नेताओं, सांसदों, उद्योगपतियों तथा प्रवासी भारतीय समुदाय ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की सेवा करने का अवसर उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति रहा है और वे विकसित भारत के निर्माण के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करते रहेंगे। इस उपलब्धि के सम्मान में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी एक विशेष प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी और उनके नेतृत्व में देश की प्रगति की सराहना की।
ट्रंप की यह बधाई केवल व्यक्तिगत प्रशंसा नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती का भी संकेत माना जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच पिछले वर्षों में घनिष्ठ संबंध रहे हैं और आने वाले समय में व्यापार, निवेश, ऊर्जा तथा रणनीतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की संभावना जताई जा रही है।