जिला ऊना उपमंडल बंगाणा क्षेत्र का डीहर पंचायत के खैरियां निवासी हर साल सरकारी जंगलों में बुजुर्गों की ओर से बनाए गए प्राकृतिक जल स्त्रोतों की मिलकर साफ-सफाई व उनकी देखभाल का जिम्मा संभाल रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से खैरियां निवासी जंगल में बने तालाब की साफ-सफाई कर रहे हैं ताकि जंगली जानवरों को पीने के पानी के लिए भटकना न पड़े। गांव खैरियां निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार जोगिंदर सिंह का कहना है कि वे अक्सर साल भर प्राकृतिक जल स्त्रोतों से ही जल लाकर पीते हैं। गांव वासियों का कहना है कि सरकार व संबंधित विभाग द्वारा हर घर जल पहुंचा दिया है। लेकिन जो मिठास प्राकृतिक जल स्त्रोतों में है, वह सरकारी नल से आने वाले ले पानी में कहां है। इसलिए हम लोग 12 महीने पीने के लिए पानी प्राकृतिक जल स्त्रोतों से ही लाते हैं, जोकि शुद्ध व गुणवत्ता वाला होता है, लोग गर्मियों में फ्रिज का पानी पीते हैं लेकिन हमारी प्राकृतिक बावड़ियों, कुओं में फ्रिज जैसा पानी होता है।