हरोली विधानसभा क्षेत्र के सिंगा गांव में निजी उद्योग में कार्यरत मजदूरों ने गुरुवार को अपने लंबित दो से तीन माह के वेतन की मांग को लेकर उद्योग के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। मजदूरों ने साफ कहा कि नियमित वेतन न मिलना उनके परिवारों पर सीधा संकट बन गया है, और अब वे अपने हक से पीछे हटने वाले नहीं हैं। मजदूरों का आरोप है कि उद्योग प्रबंधन न तो समय पर वेतन देता है, न ही पीएफ और ईएसआई जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान करता है। उल्टा, वेतन मांगने पर काम से निकालने की धमकियां दी जाती हैं। कुछ मजदूरों को बगैर भुगतान के नौकरी से निकाल भी दिया गया। प्रदर्शन की अगुवाई जिला इंटक अध्यक्ष नरेश ठाकुर ने की। उन्होंने कहा कि मजदूरों का हक मारना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। “मजदूर उद्योग का आधार होते हैं, और उनका शोषण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं। अगर जल्द ही वेतन जारी नहीं किया गया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा,” उन्होंने चेतावनी दी। मजदूरों ने मांग की कि श्रम विभाग तुरंत संज्ञान लेकर उद्योग प्रबंधन के खिलाफ सख्त कदम उठाए और यह सुनिश्चित करे कि सभी मजदूरों को समय पर वेतन और कानूनी सुविधाएं मिलें। एसडीएम हरोली विशाल शर्मा ने कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर मामले को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा। जिला श्रम अधिकारी अक्षय शर्मा ने बताया कि पहले भी इस उद्योग को नोटिस दिया गया है और यदि नई शिकायत आती है तो विभाग कानूनी कार्रवाई करेगा। प्रदर्शन में अफरोज़ खान, करण, धीरज, कुलदीप, दिनेश, रणविजय, बिट्टू यादव, नंदलाल, अंकित, वरुण, गुरदयाल, अजय, गौतम, अखिलेश, राम संजय प्रसाद, जतिंदर राय, लाल बाबू, ओम प्रकाश, रामू, मुन्ना, रोशन, उपेंद्र सिंह, बृजेश सहित सभी मजदूर एकजुट होकर मौजूद रहे।