उपमंडल बंगाणा में बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार जमीनी हकीकत में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। कंवर ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पेयजल योजनाओं के लिए पाइपें खरीदने तक के लिए धन उपलब्ध नहीं है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने वर्ष 2023 में आई आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि दो साल बीत जाने के बाद भी प्रभावित परिवारों को पूरा मुआवजा नहीं मिल पाया है। कई लोग आज भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कंवर ने कहा कि आपदा प्रभावितों की अनदेखी कर सरकार संवेदनहीनता का परिचय दे रही है। कुटलैहड़ क्षेत्र की सड़कों की बदहाल स्थिति पर भी उन्होंने चिंता जताई। उनके अनुसार बड़सर से भियांवी सड़क, लोहारू से अलिड़ा सड़क, हंडोला से जगात खाना सड़क तथा डीहर-राजपुर-खैरियां सड़क आज भी क्षतिग्रस्त हालत में पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि दो साल बाद भी इन सड़कों पर सुरक्षा के लिए डंडे (क्रैश बैरियर) तक नहीं लगाए गए, जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। कंवर ने आरोप लगाया कि मंत्रियों और विधायकों ने “अपना ही व्यवस्था परिवर्तन” कर लिया है, जबकि आम जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता त्रस्त है और सरकार विकास के दावों में व्यस्त है। पूर्व मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पेयजल, सड़कों की मरम्मत और आपदा मुआवजे से जुड़े मामलों का समाधान नहीं किया गया तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।