शारदीय नवरात्रों के पहले दिन मां चिंतपूर्णी के दरबार में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सूरज निकलने से पहले ही मंदिर के द्वार पर भक्तों की लंबी कतारें लग गईं और पूरा वातावरण जय माता दी के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान हो उठा। वहीं हाथों में नारियल, चुनरी और पूजा की थाल लिए श्रद्धालु माता के दरबार में शीश नवाने के लिए उत्साहित नजर आ रहे थे।मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि पहले नवरात्र को लेकर भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है। केवल पहले दिन ही करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने मां के पावन दरबार में हाजिरी लगाई। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिसके चलते श्रद्धालुओं को औसतन आधे से एक घंटे में ही दर्शन नसीब हो रहे थे।मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में दिनभर मेले जैसा माहौल बना रहा। मार्ग पर प्रसाद, चुनरी, फूल-मालाओं और पूजा सामग्री की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही, मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और होमगार्ड तैनात किए। वहीं चिकित्सा सुविधा, पीने के पानी और सफाई व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया।हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल और पड़ोसी राज्यों से आए भक्त मां चिंतपूर्णी के दरबार में मत्था टेककर नवरात्र के इस पावन पर्व का शुभारंभ करते दिखाई दिए। भक्तों की भारी भीड़ और गूंजते जयकारों से पूरा चिंतपूर्णी धाम भक्ति और आध्यात्मिकता में डूबा रहा। मंदिर अधिकारी ने बताया कि आने वाले दिनों में और भी अधिक श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए यहां पहुंचेंगे और पूरा क्षेत्र आस्था के इस महापर्व का साक्षी बनेगा।