उपमंडल बंगाणा के गांव बोल और कवाड्डी में भीषण जंगल की आग ने किसानों की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जानकारी के अनुसार, बोल गांव में शिवा प्रोजेक्ट के तहत लगाए गए 1725 अमरूद के पौधे आग की भेंट चढ़ गए। यह पौधे बागवानी विभाग के माध्यम से एफएलडी (अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन स्थल) के तहत किसानों अजमेर सिंह, केहर सिंह और अन्य — के खेतों में लगाए गए थे। पौधे अब फूल देने की अवस्था में थे, लेकिन आग ने उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इसी तरह, गांव कवाड्डी में किसान विशाल बाली द्वारा तैयार किया गया 3000 अनार के पौधों का निजी बगीचा भी आग से प्रभावित हुआ। आगजनी में लगभग 1500 अनार के पौधे जलकर राख हो गए, साथ ही बगीचे में लगी आधुनिक ड्रिप सिंचाई लाइन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसी प्रकार शिवा प्रोजेक्ट की ड्रिपिंग लाइनें भी आग में स्वाहा हो गईं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। बागवानी अधिकारी वीरेंद्र भारद्वाज ने आगजनी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे खेतों और जंगलों में आग न लगाएं। उन्होंने कहा, "जंगल की आग से न केवल बहुमूल्य पौधे और वनस्पति नष्ट होते हैं, बल्कि पर्यावरण को भी अपूरणीय क्षति पहुंचती है। यह न किसान हित में है, न ही समाज के हित में।" बागवानी विभाग के अनुपम शर्मा ने आग से प्रभावित किसानों का निरीक्षण किया और लोगों से अनुरोध किया है कि जंगलों और खेतों में आग लगने से रोकने के लिए जागरूकता फैलाएं।