उपमंडल बंगाणा के अंतर्गत उपतहसील जोल के क्षेत्र में इन दिनों आलू की बिजाई जोरों पर चल रही है। लेकिन मौसम की अनिश्चितता और साधनों की कमी के कारण किसान परेशान हो रहे हैं। आज सुबह से ही मौसम कभी धूप तो कभी बारिश के रूप में किसानों की परीक्षा ले रहा है। कई किसान सुबह से ही खेतों में डेरा डाले बैठे रहे मगर उन्हें आलू की बिजाई के लिए प्लांटर मशीन उपलब्ध नहीं हो पाई। मजबूरी में किसानों ने अपने खेतों में आलू का बीज ढेर लगाकर रखा और तिरपालों से ढककर सुरक्षित करने की कोशिश की। किसान जोगिंदर सिंह ने बताया कि आलू बीज के दाम बढ़ जाने से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। एक तरफ मशीन नहीं मिल रही, दूसरी तरफ महंगा बीज हमें दोहरी मार झेलनी पड़ रही है उन्होंने कहा। वहीं किसान अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने ऊना तक जाकर प्लांटर मशीन ढूंढी लेकिन कोई भी मशीन उपलब्ध नहीं हो सकी। उन्होंने कहा अब मजदूर भी आसानी से नहीं मिल रहे। ऐसे में मजबूरी में हमें हाथों से ही आलू की बिजाई करनी पड़ सकती है। किसान दिल मोहम्मद ने कहा कि मौसम की अनिश्चितता सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। कभी धूप तो कभी बारिश से खेत सूखते ही नहीं, ऊपर से मशीन और मजदूरों का अभाव ऐसे में बिजाई समय पर पूरी करना मुश्किल होता जा रहा है उन्होंने चिंता जताई। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर बिजाई पूरी न हुई तो आलू की पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि खेती-बाड़ी के सीजन में प्लांटर मशीनों और मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई जाए, ताकि उनकी मेहनत और पूंजी दोनों सुरक्षित रह सके।