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Una: बाबा बाल महाराज ने बताया भगवान नाम का महत्व

अंकेश डोगरा Updated Mon, 22 Dec 2025 05:05 PM IST

हरे कृष्णा कमेटी अंब-अंदौरा द्वारा आयोजित रामलीला मंचन के दौरान चल रहे तीन दिवसीय संत सम्मेलन का समापन राष्ट्रीय संत बाबा बालजी महाराज के प्रेरणादायक प्रवचन के साथ हुआ। सम्मेलन के अंतिम दिन श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बाबा बाल जी महाराज ने कहा कि भगवान के अलावा दुनिया का हर रिश्ता मतलब का होता है, केवल भगवान ही ऐसे सच्चे मित्र हैं जो किसी भी परिस्थिति में अपने भक्त को अकेला नहीं छोड़ते।बाबा बालजी महाराज ने कहा कि संसार में मनुष्य अनेक रिश्तों से जुड़ा होता है, लेकिन दुख और संकट की घड़ी में वही रिश्ता साथ देता है जिसमें स्वार्थ न हो। ऐसा निस्वार्थ रिश्ता केवल भगवान के साथ ही होता है। उन्होंने कहा कि भगवान का नाम हमारे बड़े से बड़े रोगों को भी हर लेता है और जीवन के हर कष्ट को समाप्त कर देता है। उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनियां खराब हो चुकी और उन्हें प्रतिदिन डायलिसिस करवाना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद वे राधा-राधा नाम का जाप कर अपने जीवन को श्रद्धा और भक्ति के साथ आगे बढ़ा रहे। यह इस बात का प्रमाण है कि भगवान का नाम व्यक्ति को मानसिक और आत्मिक शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे सांसारिक मोह-माया को त्याग कर भगवान की शरण में जाएं और नियमित रूप से भगवान का नाम जाप करें। महाराज ने कहा कि संसार का कोई भी रिश्ता स्थायी सुख नहीं दे सकता और न ही हमारे दुखों को पूरी तरह समाप्त कर सकता है। केवल भगवान का नाम ही ऐसी औषधि है, जो मनुष्य के हर कष्ट को काट देती है। उन्होंने सुंदर उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान का नाम शेर के समान है और बीमारियां व दुख छोटे-छोटे जीव-जंतु हैं, जो शेर की दहाड़ सुनते ही गायब हो जाते हैं।

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