सनातन धर्म की शक्ति और भक्ति का भव्य संगम उस समय देखने को मिला जब ब्रह्मलीन स्वामी सुखीनंद महाराज की प्रेरणा से स्वामी हेमानंद महाराज के नेतृत्व में मां चिंतपूर्णी के दर्शन हेतु विशाल पैदल यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। इस पावन यात्रा में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, स्थानीय विधायक सुदर्शन सिंह बबलू सहित कई जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने यात्रा को और अधिक गरिमा प्रदान की। बाबा माईदास सदन से प्रारंभ हुई यह यात्रा “जय माता दी” के जयघोषों के साथ आगे बढ़ी। स्वामी हेमानंद महाराज की इस पैदल यात्रा में उनके बड़ी संख्या में भक्त साथ-साथ चलते नजर आए। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया, वहीं गांव-गांव और कस्बों से लोगों ने यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लिया। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की सहभागिता ने यात्रा को ऐतिहासिक रूप दे दिया।चिंतपूर्णी मंदिर पहुंचने पर स्वामी हेमानंद महाराज ने मां चिंतपूर्णी के दरबार में विधिवत पूजा-अर्चना कर माथा टेका। इसके उपरांत मंदिर परिसर में हवन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति डालकर मां से सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की प्रार्थना की। मां के दर्शन के साथ ही यह पवित्र यात्रा संपन्न हुई।इस अवसर पर स्वामी हेमानंद महाराज ने कहा कि सनातन धर्म प्रेम, करुणा और एकता का मार्ग दिखाता है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि धर्म की रक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी यात्राएं समाज को जोड़ने और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करती हैं।श्रद्धालुओं ने बताया कि स्वामी हेमानंद महाराज की सरलता, सेवा भावना और आध्यात्मिक विचारधारा से प्रेरित होकर वे इस यात्रा में शामिल हुए। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सनातन संस्कृति की एकता और शक्ति का संदेश भी देती नजर आई।