हरोली उपमंडल के दुलैहड़ गांव में गुरुवार दोपहर हुए दर्दनाक हादसे में 10 भैंसों की करंट की चपेट में आने से मौके पर मौत हो गई। बताया जा रहा कि हादसा बिजली बोर्ड की लापरवाही के कारण हुआ, जिसने एक गरीब पशुपालक के सपनों को झुलसा दिया। स्थानीय प्रशासन व पुलिस विभाग की टीम ने मौके का जायजा लिया और आगामी कार्यवाही शुरु कर दी। जानकारी के अनुसार, गांव बोरा तहसील गढ़शंकर, जिला होशियारपुर के मूल निवासी पशुपालक जाकूब अली पुत्र कालू दीन बीते एक महीने से गांव दुलैहड़ में स्थानीय निवासी से किराये पर खेत लेकर पशुपालन कर रहे थे। वीरवार दोपहर करीब दो बजे जब वह अपने पशुओं को खेतों में चरा रहे थे, तभी बिजली विभाग की अर्थिंग की एक ढीली तार अचानक नीचे गिर गई, जो एक भैंस के सिर में फंस गई। भैंस ने तारों से खुद को छुड़ाने का प्रयास किया तो जैसे ही वह तार ऊपर उठी, सीधे हाई वोल्टेज तारों से संपर्क में आ गई और एक ही पल में 10 भैंसें करंट की चपेट में आकर मौके पर ही ढेर हो गईं। हादसे से गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर प्रशासन व बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि क्षेत्र में बिजली की तारें कई जगहों पर जर्जर हालत में लटकी हुई हैं, जिसकी शिकायत पहले भी दी गई, लेकिन विभाग ने कोई संज्ञान नहीं लिया। पीड़ित जाकूब अली का कहना है कि यह घटना उनके जीवन की सबसे बड़ी त्रासदी है। करीब 10 भैंसों की मौत से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। कहा कि उसके पास 10 ही भैंसे थी और सभी की मौत हो गई। उन्होंने प्रशासन से मुआवजा देने और बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। एसडीएम हरोली विशाल शर्मा ने कहा कि घटना दुखद और संवेदनशील है। संबंधित बिजली विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।