ऊना जिला की निवासी कविता ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय और प्रेरणादायक पहल की है। कविता पाइन नीडल (चीड़ की सूखी पत्तियों ) से विभिन्न उपयोगी उत्पाद तैयार करने का कार्य कर रही हैं और इसी कार्य को आगे बढ़ाते हुए वह देशभर में अलग-अलग स्थानों पर जाकर महिलाओं को प्रशिक्षण दे रही हैं। कविता की इस पहल से ग्रामीण महिलाएं घर बैठे ही रोजगार प्राप्त कर रही हैं। अब तक कविता करीब 3,000 से 4,000 महिलाओं को प्रशिक्षण दे चुकी हैं, जिनमें से कई महिलाएं आगे बढ़कर स्वयं काम कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। कविता का कहना है कि जब प्रशिक्षित महिलाएं उन्हें बताती हैं कि उन्होंने आज इतनी बिक्री की, तो उन्हें अत्यंत खुशी का अनुभव होता है और आगे और बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है। यह उनके लिए सबसे बड़ा संतोष और सफलता है। कविता विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी विभागों के साथ मिलकर महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। उनका उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। कविता ने कहा कि वह आगे भी इसी तरह महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कार्य करती रहेंगी।