सदर के विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत गुरु रविदास जी की जन्मस्थली काशी (वाराणसी) की पवित्र मिट्टी को कलशों में पूरे देश में ले जाकर उनकी शिक्षाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। सत्ती ने कहा कि कुछ लोगों ने यह भ्रम फैला रखा है कि गुरु रविदास जी केवल एक जाति विशेष के संत थे, जबकि संत किसी जाति या वर्ग के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के होते हैं। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी को महान संतों में स्थान प्राप्त है और उनकी शिक्षाएं समाज में समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश देती हैं। भाजपा इन्हीं मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संतोषगढ़ स्थित गुरु रविदास मंदिर में स्थानीय गुरु रविदास सभा समिति, ग्रामवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम की सफलता से कांग्रेस बौखला गई है। कांग्रेस को लगता है कि कुछ समाज उसकी जागीर हैं, जिनका नाम लेकर वह केवल वोट लेना चाहती है, जबकि उनके विकास के लिए कोई ठोस कार्य नहीं करती। सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास जोड़-तोड़ और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का रहा है, लेकिन अब देश की जनता उसके बहकावे में आने वाली नहीं है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे ऐसे नेताओं की पहचान करें जो केवल अपने परिवार के हितों के लिए नहीं, बल्कि समाज और देश के सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य करते हैं।