नशा समाज से हर व्यक्ति को दूर कर देता है। इसके लिए समाज में संगत का असर सीधे तौर पर युवाओं में देखने को मिल रहा है। यह बात अमर उजाला फाउंडेशन के पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि एसएचओ सदर ऊना गौरव भारद्वाज ने कही। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टकारला में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा करने वालों की भी एक टोली होती है। अगर आप की संगत बिना नशे करने वालों के साथ होगी। तो आप कभी भी नशे की चपेट में नहीं आ सकते हैं। अगर आपकी संगत नशा करने वालों के साथ होगी तो आप नशे के चुंगल से बाहर नहीं आ सकते हैं। इससे आपके मानसिकता पर सीधे तौर पर असर पड़ेगा। इसलिए जरूरी है की अच्छी संगत करें। जिससे समाज में आपका और आपके परिजनों का मान सम्मान बना रहे ।नागरिक सुरक्षा के लिए पुलिस का मैत्री पूर्ण व्यवहार रहता है। अपराध को रोकने में समाज में पुलिस के साथ समन्वय स्थापित करके अहम भूमिका अदा की जा सकती है। संविधान में समानता का अधिकार है। जातिवाद को लेकर किसी भी विचारधारा में समाज को नहीं बांटा जा सकता है। उन्नति के मार्ग पर बढ़ाने के लिए उन्होंने बच्चों को करियर से संबंधित टिप्स भी दिए और दूसरी ओर यातायात नियमों की पालना करने बारे भी जानकारी सांझा की। कहा कि अपने परिजनों को जरूर बोले कि बिना लाइसेंस के वाहन ड्राइव ना करें और सीट बेल्ट का अवश्य प्रयोग करें। दो पहिया वाहन चलाते समय वाहन चालक और सवारी हेलमेट का अवश्य इस्तेमाल करें। करियर के लिए शिक्षा के साथ-साथ ऐसे विषय भी शामिल करने चाहिए जो आगे लक्ष्य को प्राप्त करने में उपयोगी सिद्ध हो। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि अगर पूछोगे नहीं तो हमेशा पीछे ही रह जाएंगे। इसलिए हर तरह की गतिविधि में एक दूसरे के प्रति संवाद होने की बात पर भी उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को सोशल मीडिया से दूरी बनाने और अनजाने नंबरों से लिंक पर क्लिक न करना है और अपनी कोई भी जानकारी अनजाने व्यक्तियों के साथ सांझा ना करने के लिए भी प्रेरित किया और कहा कि सोशल मीडिया के दौर में साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा है ।इससे समाज की हर व्यक्ति को जागरूक होने की आवश्यकता है। स्कूल प्रिंसिपल अनिल बक्शी ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम की सराहाना की और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से जहां एक ओर बच्चों का मनोबल बढ़ता है। वहां दूसरी ओर उनकी सोच में भी बदलाव आता है। जो की एक समाज में जागरूकता के लिए सही दिशा में काम को अंजाम दिया जाता है।