बाबा बालक नाथ पातका मंदिर बाथु में जारी श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन भक्त प्रहलाद की कथा का मनोहारी वर्णन हुआ। आचार्य शिवकुमार वशिष्ठ ने बताया कि कैसे प्रहलाद की अटूट भक्ति ने भगवान नारायण को नृसिंह अवतार लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विस्तार से समझाया कि कैसे भगवान ने हिरण्यकश्यपु के वरदानों को निष्फल कर प्रहलाद की रक्षा की। आचार्य जी ने अपने प्रवचन में संदेश दिया कि भगवान अपने भक्तों की सदैव रक्षा करते हैं, चाहे परिस्थितियां कितनी भी प्रतिकूल क्यों न हों। आचार्य शिवकुमार वशिष्ठ ने देवकी और वसुदेव की कारागार में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का सजीव वर्णन किया। कथा में बताया गया कि गोकुल और मथुरा में कैसे आनंद और उल्लास का माहौल था।