राजकीय महाविद्यालय ऊना में वर्ष 1905 में आज ही के दिन कांगड़ा जिले में आए भूकंप की बरसी पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। आपदा के समय जान पर आए जोखिम को कम करने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल में राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय ऊना के विद्यार्थियों को जानकारी दी गई। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मीता शर्मा ने अपने विद्यार्थियों और कर्मचारियों को कहा कि प्राकृतिक आपदाएं बिना बताए आती हैं। भूकंप भी एक प्राकृतिक आपदा है। हिमाचल प्रदेश भूकंप के लिए अति संवेदनशील जोन चार और पांच के अंतर्गत आता है। उन्होंने बताया कि लोग अपने घरों का निर्माण करते समय भूकंपरोधी तकनीकी का इस्तेमाल करें जिससे भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। महाविद्यालय के एनसीसी अधिकारी कैप्टन अश्विनी कुमार ने भूकंप से बचाव के तरीके को विस्तार से बताया कि भूकंप या कोई भी प्राकृतिक आपदा बता कर नहीं आती।