डेरा बाबा रुद्रानंद का वार्षिक उत्सव पंचभिक्षम पर्व पर महायज्ञ का बुधवार को समापन हुआ। इस आश्रम में सन 1864 को शुरू हुआ था और इसी दिन ही सदा व्रत लंगर की स्थापना हुई थी जोकी लगातार आज भी चला हुआ है। पूर्ण आरती के साथ ही श्रद्धालुओं ने धूने पर माथा टेका और आशीर्वाद लिया। साथ ही लंगर का प्रसाद ग्रहण करके अपने घरों को प्रस्थान कर गए।