पितृ चौदह के अवसर पर आज पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही लोगों में अपने पितरों के प्रति आस्था प्रकट करते हुए घर-घर में विधिवत पूजन, तर्पण और दान-पुण्य के साथ पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी किया गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और सेवा भाव में भागीदारी निभाई। ग्राम पंचायत के गांव चक में भी इस अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। हिंदू धर्म में पितरों का स्थान देवताओं के समान माना गया है। पितृ चौदह का दिन विशेष रूप से अपने पूर्वजों के स्मरण, तर्पण और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन पितृलोक से पूर्वज अपने वंशजों के बीच आते हैं और उनके की ओर से अर्पित श्रद्धा, तर्पण और भोग को स्वीकार करते हैं।