उपमंडल बंगाणा क्षेत्र की कुछ पंचायतों में लगभग दो सप्ताह पहले मक्की, चारी, बाजरा व तिलहन सहित अन्य फसलों की बिजाई की गई थी। परंतु बारिश नहीं होने से किसानों के चेहरे मुरझाए हुए हैं। अगर समय पर बारिश न हुई तो मक्की का बीज खेतों में खराब हो जाएगा। क्योंकि अभी भी खेतों में फसल 100 फीसदी अंकुरित नहीं हो पाई है। कुछ स्थानों पर आधा-अधूरा बीज जमीन से बाहर अंकुरित हुआ है। वहीं, कुछ स्थानों पर किसान अभी भी बिजाई के लिए प्रयाप्त बारिश का इंतजार कर रहे हैं। खरयालता के गांव बही में कुछ किसान अभी भी बिजाई के इंतजार में बैठे हुए हैं कि कब बारिश हो और बिजाई शुरू करें। हालांकि, बुधवार देर रात तथा गुरुवार सुबह से हल्की-हल्की बूंदाबांदी जरूर हुई। बुजुर्गों में जगर नाथ, सतपाल, गुरदास राम, रमेश चंद, फिडू राम,जगदीश चंद, कुलतार चंद, सुखदेव सिंह सहित अन्य किसानों का कहना है कि जो खेती बैलों से होती है, उसकी रीस नहीं है। बाकी सब औपचारिकता है।