भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गुरमीत सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर लगे गंभीर आरोपों को लेकर उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस मामले को पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी फर्जी वीडियो बताकर दबाने का प्रयास कर रही थी, उसमें अब नए खुलासे सामने आने का दावा किया जा रहा है। गुरमीत सिंह ने आरोप लगाया कि 18 जून 2026 को पंजाब सरकार की ओर से पेश की गई फॉरेंसिक रिपोर्ट में वायरल वीडियो को एआई जनित बताया गया था, लेकिन बाद में रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट में फॉरेंसिक लैब का स्पष्ट विवरण तक नहीं था। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और कथित फॉरेंसिक विशेषज्ञों के बीच फर्जी रिपोर्ट तैयार कराने के लिए दबाव और लेन-देन के आरोप सामने आए हैं। यदि ये आरोप सही हैं तो यह धार्मिक भावनाओं से जुड़े संवेदनशील मामले में सच को छिपाने की साजिश है। भाजपा नेता ने कहा कि सिख गुरुओं के सम्मान से जुड़े विषय पर किसी भी तरह की लीपापोती स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो मुख्यमंत्री भगवंत मान को नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता को यह जानने का अधिकार है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट किसने तैयार की, किन निर्देशों पर तैयार की गई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।