रामशहर के सनेड़ में श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन व्यासपीठ स्वामी हरिचेतनानंद जी ने सुदामा चरित का प्रसंग सुनाया और कहा कि मित्रता हो कृष्ण और सुदामा जैसी हो। इसके बाद स्वामी जी ने कहा कि सात दिन कथा श्रवण के बाद राजा परीक्षित ने देह का त्याग कर दिया। बाद में मुख्य यजमान नन्द लाल शर्मा, लक्ष्मी देवी और राहुल शर्मा ने परिजनों सहित आरती उतारी और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। आज की कथा में अनेक गणमान्य लोगों ने कथा का रसास्वादन किया।