नालागढ़ के निकट राजपुरा में ठाकर नगर में पूर्णाहुति के साथ ही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा संपन्न हो गई। व्यासपीठ आचार्य रामगोपाल और उनके सहयोगी आचार्य नारायण दास ने पिछले सात दिनों तक विभिन्न प्रसंग सुना कर श्रोताओं को निहाल किया। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद सुदामा चरित का प्रसंग सुनाया और बताया कि भगवान कृष्ण को जब सूचना मिली कि उनके द्वार पर उनका बाल सखा सुदामा आया है तो वे नंगे पांव दौड़ पड़े और सुदामा को आदरपूर्वक महल में लेकर आए। हालांकि सुदामा ने उनसे कुछ नहीं मांगा किंतु भगवान ने बिना मांगे ही सुदामा की सारी गरीबी दूर कर दी। कथा में नरोत्तम बंसल, मनोहर बंसल, रविकांत शर्मा, उमाकांत शर्मा, वरुण शर्मा , गुरचरण, विक्की सहित अन्य कॉलोनी वासी उपस्थित रहे।