नालागढ़ के नजदीक निक्कूवाल स्थित ग्रीन एनक्लेव कॉलोनी में श्रीमद् भागवत पुराण कथा के चौथे दिन व्यासपीठ आचार्य नील कंठ कौशल जी ने पिछले कल की कथा को आगे बढ़ाते हुए बताया कि उन्होंने कहा कि जब कंस को पता चला कि उसका काल गोकुल में है तो उसने अष्टमी की रात्रि को जन्म लेने वाले सभी बच्चों को मारने के लिए राक्षसी पूतना को भेजा । राक्षसी पूतना ने भेष बदलकर भगवान कृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास किया किंतु बाल कृष्ण ने स्तन के रास्ते पूतना के प्राण हर लिए। फिर कंस ने वकासुर नामक राक्षस को भेजा। उसने विशाल बगुले का रूप धारण करके कृष्ण को मारने का प्रयास किया किंतु कृष्ण ने उसका भी उद्धार कर दिया।