हिमाचल प्रदेश के निर्माता एवं प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार की 120वीं जयंती के अवसर पर सोलन में साहित्य और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। सिरमौर कल्याण मंच की ओर से मुरारी मार्केट स्थित सभागार में भव्य कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें 50 से अधिक कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कवियों ने कविता, गीत, गजल और व्यंग्य की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के दौरान डॉ. वाईएस परमार के व्यक्तित्व, उनके योगदान, हिमाचल के विकास और सिरमौर की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित अनेक रचनाएं प्रस्तुत की गईं। कवियों की ओजपूर्ण और भावपूर्ण प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया। आयोजकों ने बताया कि सिरमौर कल्याण मंच हर वर्ष डॉ. वाईएस परमार की जयंती पर इस तरह का कवि सम्मेलन आयोजित करता है। इसका उद्देश्य साहित्यकारों और नवोदित रचनाकारों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना तथा साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। मंच का प्रयास है कि युवा पीढ़ी भी साहित्य और हिंदी भाषा से जुड़कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा को निखार सके। कार्यक्रम के अंत में सभी कवियों और साहित्यकारों को स्मृति चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और ऐसे आयोजनों से सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक मूल्यों को नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने भविष्य में भी इस परंपरा को जारी रखने का संकल्प दोहराया। डॉ. वाईएस परमार की जयंती पर आयोजित इस साहित्यिक आयोजन ने न केवल उनकी स्मृतियों को ताजा किया, बल्कि साहित्य प्रेमियों को एक ऐसा मंच भी दिया, जहां शब्दों के माध्यम से समाज, संस्कृति और हिमाचल की विरासत को नई अभिव्यक्ति मिली।