ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से यूको आरसेटी (RSETI) नाहन ने सिरमौर जिले के सतौन क्षेत्र के मानल गांव में 13 दिवसीय कृषि उद्यमी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इस प्रशिक्षण शिविर में क्षेत्र की 25 महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि आधारित स्वरोजगार के अवसरों की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डोमेन विशेषज्ञ अनिल ठाकुर मुख्य प्रशिक्षक के रूप में महिलाओं को कृषि उद्यमिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दे रहे हैं। शिविर का उद्देश्य महिलाओं को पारंपरिक खेती तक सीमित रखने के बजाय कृषि को लाभदायक व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित करना है। आरसेटी की संकाय सदस्य तानिया भाटिया ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को जैविक खेती, डेयरी फार्मिंग, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक तकनीक, फसलों में कीटनाशकों के सुरक्षित और संतुलित उपयोग की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा फूलों की खेती, मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसे रोजगारपरक विषयों पर भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि महिलाओं को अपने उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के लिए भी तैयार करना है। उन्हें यह भी सिखाया जा रहा है कि तैयार उत्पादों को बाजार तक कैसे पहुंचाया जाए, उचित मूल्य कैसे प्राप्त किया जाए और ग्राहकों के साथ बेहतर संपर्क कैसे बनाया जाए। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रेरणादायक वीडियो भी दिखाए जा रहे हैं, ताकि वे आधुनिक तकनीकों और सफल कृषि उद्यमों से सीख लेकर स्वयं का रोजगार शुरू कर सकें। यूको आरसेटी का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देंगे।