शहर की शान कहे जाने वाले ऐतिहासिक चौगान मैदान की हालत में सुधार लाने के लिए नगर परिषद द्वारा दो महीनों तक बंद रखा गया। लेकिन, अब करीब 9 दिनों के लिए यहां मेले के लिए चौगान मैदान को किराये पर दे दिया गया है। जिससे मैदान की हालत फिर खराब हुई है। आलम यह है कि एक तरफ बारिश पड़ रही है तो वहीं दूसरी तरफ मैदान में झूले व दुकानों का सामान लेकर भारी मालवाहक वाहन पहुंच रहे हैं। जिसके चलते मैदान में लगी घास बर्बाद हो रही है तो वहीं मैदान में कीचड़ बन गया है और टायरों से बडे गड्ढे बन गए हैं। जिसको लेकर सवाल उठ रहे हैं, यदि यही हालत करनी थी तो दो महीने तक मैदान को बंद रखने की जरूरत ही क्या थी? बता दें कि चौगान मैदान को 1 जुलाई से 31 अगस्त, 2024 तक खेलकूद व अन्य गतिविधियों के लिए पूर्णतया बंद किया गया था। इस दौरान केवल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के लिए चौगान मैदान खोला गया था और 5 से 7 जुलाई तक श्री जगन्नाथ जी के रथ हेतु बास्केटबॉल कोर्ट खुला था। इस दौरान कोई भी खेल गतिविधि नहीं हुई। मैदान की दुर्दशा को लेकर स्थानीय लोगों, खिलाडिय़ों व खेल संगठनों में काफी रोष है। फूटबॉल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष इकराम मौहम्मद, महासचिव राकेश पहवा सहित स्थानीय लोगों विशाल, शकील, संदीप, मनीष आदि ने कहा कि एक समय था जब चौगान केवल खिलाडिय़ों के लिए था और इस चौगान से 30 के करीब कोच, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के भी खिलाडी निकले हैं। लेकिन अब चौगान केवल पैसा कमाने का जरिया मात्र बनकर रह गया है। आए दिन यहां किसी न किसी तरह के कार्यक्रमों के आयोजन होते हैं, जिससे मैदान की हालत बिगड़ रही है। जो पैसा नगर परिषद को आयोजनों से मिलता भी है, उसे भी मैदान की हालत सुधारने पर खर्च नहीं किया जा रहा है। जिससे मैदान बदहाली के आंसू बहा रहा है। मैदान में आयोजनों के बाद गड्ढे भरने के लिए रेत व छाना आदि गिराया जाता है, जिससे कई बार खिलाडी चोटिल होते हैं। इतना ही नहीं मैदान को बड़े आयोजनों के दौरान पार्किंग में भी तब्दिल कर दिया जाता है। लोगों की मांग है कि मैदान को यदि दो महीने तक बंद रखा गया था तो अभी बरसात के दिनों में थोड़ा ओर इंतजार किया जा सकता था। बरसात में मैदान में मिट्टी अधिक पानी युक्त होने के कारण वाहनों की आवाजाही से कीचड़ व गड्ढों में तब्दिल हो रही है। अजय गर्ग, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद नाहन ने कहा कि चौगान मैदान को 13 से 21 सितम्बर तक उत्सव के आयोजन के लिए किराये पर दिया गया है। टीम को मौके पर भेजा जाएगा, यदि नुकसान हुआ है तो आयोजनों को इसे सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे, सिक्योरिटी राशि भी जब्त की जा सकती है।