टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ददाहू क्षेत्र में तीन खानों पर कार्यरत मजदूरों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। खनन व्यवसायी सुप्रियांक वालिया के सहयोग से आयोजित इस शिविर में करीब 80 खनन कामगारों की स्वास्थ्य जांच की गई । साथ ही सभी कामगारों को टीबी की रोकथाम एवं उन्मूलन के लिए शपथ भी दिलाई गई। शिविर में डॉ. विक्रांत ठाकुर ने अपनी टीम के साथ कामगारों की जांच कर उन्हें टीबी के लक्षणों, हृदय रोग, छाती संबंधी बीमारियों, उच्च रक्तचाप और मधुमेह के प्रति जागरूक किया। उन्होंने खनन कार्य के दौरान धूल, मिट्टी और पत्थरों के सूक्ष्म कणों से होने वाले सिलिकोसिस रोग की रोकथाम के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। डॉ. ठाकुर ने कहा कि कई बीमारियां लापरवाही के कारण गंभीर रूप ले लेती हैं। उन्होंने कामगारों को खानों में कार्य करते समय मास्क पहनने, खांसी-जुकाम जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल जाकर जांच कराने, संतुलित आहार लेने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवाओं का नियमित सेवन करने की सलाह दी। उन्होंने टीबी से बचाव के लिए धूम्रपान छोड़ने का भी आह्वान किया। खनन अभियंता डीके सिन्हा ने बताया कि शिविर का आयोजन कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत कामगारों के स्वास्थ्य और कल्याण को ध्यान में रखकर किया गया। इस अवसर पर रविंद्र गुप्ता, स्वास्थ्य विभाग से विद्या दत्त शर्मा, सीएचओ ममता, प्रियंका, कमला शर्मा सहित बड़ी संख्या में कामगार मौजूद रहे।