रेणुका बांध विस्थापितों को मंगलवार को डांडा अम्बोया में प्रबंधन ने जमीन दिखाई व इसकी निशानदेही की गई। जमीन सही न होने पर विस्थापितों ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि जमीन सही नहीं है। उन्होंने कहा कि कागजों में हमें जमीन कलाऊ जमीन बताई गई थी लेकिन यहां पर पानी की बूंद तक नहीं है। सड़क की कोई सुविधा नहीं है इसलिए डिमार्केशन के बीच में ही सभी विस्थापित अपनी नाराजगी जताते हुए घर वापस लौटे और एचपीसीएल द्वारा दिखाई की जमीन को पूरी तरीके से नकारा। योगी ठाकुर प्रेस सचिव रेणुका बांध विस्थापित संघर्ष समिति ने बताया कि सरकार इस दिशा में उचित कदम उठाए और उन्हें सही जमीन दी जाए।