किसान सभा और सेब उत्पादक संघ 29 जुलाई को हाई कोर्ट के आदेशों के आधार पर हिमाचल में की जा रही बेदखली के खिलाफ प्रदेश सचिवालय का घेराव करेंगे। यह बात रविवार को नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक एवं सीपीआईएम नेता राकेश सिंघा ने कही। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट के आदेशों पर की जा रही बेदखली को रोकने में प्रदेश सरकार असफल रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को तब तक यथावत रखने के आदेश जारी किए हैं जब तक इसके लिए चीफ जस्टिस का बेंच गठित नहीं हो जाता। बावजूद इसके हाईकोर्ट के आदेश पर बेदखली के कार्य चला हुआ है। राकेश सिंघा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सोशल वेलफेयर स्टेट है। इसलिए सरकार का यह दायित्व बनता है कि प्रदेश वासियों की सुरक्षा करें। वर्तमान में मानसून सीजन चल हुआ है। हिमाचल त्रासदी से जूझ रहा है। ऐसे समय में सेब के बड़े-बड़े पेड़ काटे जा रहे हैं। इससे और अधिक भूमि कटाव होगा और बाढ़ आदि की स्थिति पैदा हो सकती है। सेब, नाशपाती जैसी कई ऐसी प्रजातियां है जोकि जंगली वनस्पति हैं, लेकिन प्रदेश सरकार और हाईकोर्ट इसे मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों बागवानों को संगठित करने के मकसद से हिमाचल प्रदेश में बैठकें की जा रही है ताकि अधिक से अधिक किसानों और बागवानों को 29 जुलाई को होने जा रहे हैं हिमाचल सचिवालय के घेराव के लिए तैयार किया जा सके। इससे पूर्व राकेश सिंघा ने सिरमौर जिला के किसान सभा पदाधिकारियों व सदस्यों के साथ बैठक करके आगामी रणनीति तैयार की। इस मौके पर सीपीआईएम नेता डॉ. कुलदीप तन्वर, राजेंद्र ठाकुर, संतोष कपूर, सतपाल मान, गुरविंद्र सिंह, जगदीश पुंडीर, धनीराम शर्मा, विरेंद्र कपूर आदि मौजूद रहे।