शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद प्रशासन ने कड़े फैसले लिए हैं। घरों से निकले वाले कचरे को लेकर प्रशासन ने लोगों व कर्मियों की जिम्मेवारी तय की है। ऐसे में जो अपनी जिम्मेवारी सही तरह से नहीं निभाएगा उसे परिणामस्वरूप स्वयं कचरे की छंटनी करनी पड़ेगी। इसको लेकर नगर परिषद ने कार्रवाई भी शुरू कर दी है। सुबह के समय खुद नगर परिषद के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार इसकी निगरानी कर रहे हैं। नगर परिषद प्रशासन की मानें तो शहर में पहले से ही गीला व सूखा कचरा अलग-अलग कर कर्मियों को देने को लेकर कहा गया था। लेकिन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में शहर की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र या ठोस कचरा निस्तारण केंद्र में मिश्रित कचरा पहुंचता है। यहां कचरे की छंटाई में काफी मेहनत खर्च होती है। इससे कई अन्य समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। अब नगर परिषद ने सभी सफाई कर्मियों व सुपरवाइजरों की बैठक लेकर इस दिशा में कड़े निर्देश जारी किए हैं। सफाई कर्मियों से कहा गया है कि घरद्वार से कचरा लेते समय तय करें कि गीला व सूखा कचरा अलग-अलग किया गया हो। यदि कचरा मिश्रित है तो उसे नहीं लें। यदि कर्मी मिश्रित कचरे को ले लेते हैं तो उसे फिर उन्हें ही अलग-अलग करना पड़ेगा क्योंकि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र तक कचरा पहुंचाने वाली गाडियों के संचालकों को भी साफ हिदायत दी गई है कि वह कर्मियों से कचरा अलग-अलग लें। इतना ही नहीं, यदि गाड़ी में भी मिश्रित कचरा मिलता है तो फिर गाड़ी सयंत्र पर खाली नहीं की जाएगी और उसे वापिस भेज दिया जाएगा। ऐसे में गाड़ी संचालकों को स्वयं कचरे का पृथक्करण करना होगा। दो दिनों से सुबह नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी स्वयं इसपर नजर रखे हुए हैं। जहां से मिश्रित कचरा मिल रहा है और कर्मी उसे ले रहे हैं, उसे कर्मियों से ही अलग करवाया जा रहा है। ऐसे में कर्मियों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। उधर, शहर में सफाई व्यवस्था को बनाए रखने को लेकर न केवल नगर परिषद लोगों को जागरूक कर रही है, एक महिलाओं का समूह भी लगातार इस दिशा में काम कर रहा है। यह समूह घर-घर जाकर लोगों को यहां वहां कचरा न फैंकने व गीला व सूखा कचरा अलग-अलग रखने को लेकर जागरूक कर रहा है। नगर परिषद नाहन के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार ने कहा कि शहर को साफ सुथरा बनाए रखने को लेकर हमसब शहरवासियों की जिम्मेवारी है। ऐसे में शहरवासियों से अपील की गई है कि वह गीला व खूखा कचरा अलग-अलग सफाई कर्मियों को दें। मिश्रित कचरे को नगर परिषद स्वीकार नहीं करेगी। यदि कोई कर्मी लेता भी है तो उसे स्वयं इसे अलग-अलग करना होगा। इसको लेकर सभी की जिम्मेवारी तय की गई है। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले कर्मियों से कचरा अलग-अलग करवाया जा रहा है।