केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने विरोध किया है और उसे संसद में पास नहीं होने दिया। इसके बाद देश की 50 प्रतिशत आबादी वाली महिलाओं में अब कांग्रेस समेत उसके सहयोगी दलों में रोष पनपा है। यह आरोप नाहन में आयोजित पत्रकारवार्ता में सांसद सुरेश कश्यप व महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष डेजी ठाकुर ने लगाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखने का काम कांग्रेस ने किया है। जबकि मोदी सरकार ने महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया था। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम गिरने के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जश्न मना रहे हैं। इससे साफ होता है कि उनके मन में महिलाओं के लिए कितना स्थान है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जब भी जन कल्याण को लेकर बिल लेकर आती है कांग्रेस व उसके सहयोगी दल विरोध करते हैं। कश्यप ने कहा कि मोदी सरकार महिलाओं को उनका अधिकार दिलाकर रहेगी। लेकिन कांग्रेस नहीं चाहती कि महिलाएं आगे बढ़े और संसद में भी उनकी बराबर की भागीदारी हो। इसी मानसिकता के आधार पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मोदी सरकार द्वारा महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित रखने और उन्हें 33 प्रतिशत चुनाव में आरक्षण देने के मकसद से लाये गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को गिरने का काम किया है। डेजी ठाकुर ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों पर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने डाका डाला है। संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को गिराकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दल आज जश्न मना रहे हैं लेकिन आने वाले समय में महिलाएं कांग्रेस को मुंहतोड़ जवाब देंगी। देशभर में आज कांग्रेस की महिला विरोधी सोच का विरोध हो रहा है। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय पुंडीर, कोषाध्यक्ष प्रदीप विज, निवर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष श्यामा पुंडीर, संजय चौहान आदि मौजूद रहे।