बांगरण-शमशेरगढ़ गांव के पास गिरि नदी में अवैध खनन व ओवरलोड़ ट्रालों पर ग्रामीणों में काफी रोष पनप रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार सरकार, प्रशासन और क्रशर इंडस्ट्रीज को समस्या से अवगत करवाने के बावजूद अब तक किसी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। श्री पांवटा साहिब विकास मंच के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बांगरण चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने मांग उठाई कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाए। पोपलेन, जेसीबी जैसी बड़ी मशीनरी द्वारा किए गए अवैज्ञानिक खनन से हुए नुकसान और दस टन भार क्षमता वाले बांगरण पुल पर 50-50 टन के ट्रॉले दौड़ाने लगातार नुकसान हो रहा है। हादसों का खतरा भी बना हुआ है। हालांकि पुलिस विभाग की ओर से बीच-बीच में योजनाबद्ध तरीके से टीमें तैनात कर पांवटा साहिब समेत कई क्षेत्रों में खनन सामग्री ले जा रहे कुल 50 वाहनों (डंपर, ट्रक, हाइवा, ट्रैक्टर और टिप्पर) को जब्त किया गया है। इन वाहनों पर खनन अधिनियम और मोटर वाहन अधिनियम के उल्लंघन करने पर नियमानुसार चालान भी किए गए हैं। वहीं श्री पांवटा साहिब विकास मंच के अध्यक्ष ज्ञान सिंह चौहान ने कहा कि कई बार प्रशासन को गिरि नदी पर बने दस टन भार क्षमता वाले बांगरण पुल पर ओवरलोड वाहनों के खतरे के बारे में अवगत कराया, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगर कोई बड़ा हादसा हुआ तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी। पुरूवाला थाना प्रभारी राजेश पाल ने बताया कि पुलिस समय-समय पर संयुक्त टीमों के माध्यम से क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि खनन से जुड़े वाहनों की नियमित जांच की जा रही है। ओवरलोडिंग या बिना अनुमति खनन सामग्री ढोने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।