शिलाई विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान पश्मी स्थित चालदा महासू महाराज मंदिर में शीश नवाकर लौट रहे उपमुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक एवं उद्योग मंत्री हर्षवर्धन के काफिले को 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने बीच रास्ते में रोक लिया और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने उपमुख्यमंत्री को बताया कि वे वर्ष 2010 से प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान संचालक कंपनी द्वारा उनके साथ कथित तौर पर श्रम कानूनों का उल्लंघन करते हुए शोषण किया जा रहा है। कर्मियों का आरोप है कि माननीय उच्च न्यायालय और शिमला मजिस्ट्रेट की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन के बजाय उन्हें केवल 11 से 12 हजार रुपये मासिक दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनसे आठ घंटे के बजाय 12-12 घंटे की ड्यूटी ली जा रही है, जो श्रम नियमों के विरुद्ध है।