सिरमौर जिला के दुर्गम क्षेत्र रोनहाट में डिग्री कॉलेज बंद किए जाने के सरकारी निर्णय का विरोध तेज होने लगा है। शनिवार को नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में समाजसेवी एवं भाजपा नेता सुरेंद्र हिंदुस्तानी ने सरकार पर क्षेत्र की अनदेखी और सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और लोगों की मांग को देखते हुए वर्ष 2017 में रोनहाट में डिग्री कॉलेज की स्थापना की थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए नाहन व पांवटा साहिब जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना आसान नहीं था। ऐसे में स्थानीय युवाओं को शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कॉलेज खोला गया था। लेकिन, वर्तमान सरकार ने विद्यार्थियों की संख्या कम होने का हवाला देकर कॉलेज बंद करने का निर्णय लिया है। यहां अध्ययनरत छात्रों का नाहन कॉलेज में विलय किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा प्रयास किए जाने चाहिए थे। यदि छात्रों को अन्य संस्थानों में समायोजित करना ही था तो उन्हें शिलाई अथवा आसपास के कॉलेजों में भेजा जा सकता था, लेकिन उन्हें नाहन भेजना ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्र के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है।