सिरमौर जिले के नाहन उपमंडल के बड़ाबन गांव में साल के जंगल बुधवार को भारत माता की जय व मनीष ठाकुर अमर रहे के जयघोष से गूंज उठे। जैसे ही दोपहर करीब एक बजे बलिदानी की तिरंगे से लिपटी पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंची, इस दौरान हर आंख नम थी लेकिन हर कोई उनके बलिदान पर गर्व महसूस कर रहा था। डोगरा रेजीमेंट में तैनात बड़ाबन निवासी लांस नायक मनीष ठाकुर रविवार को उत्तरी सिक्किम में भूस्खलन की चपेट में आने से वीरगति को प्राप्त हुए थे। रविवार के बाद से ही परिवार सहित सैंकड़ों ग्रामीण उनका इंतजार कर रहे थे। मनीष ठाकुर के लिए गांव से करीब 6 किलोमीटर पहले शंभूवाला में सैंकड़ों युवा एकत्रित हुए और बाइकों पर तिरंगा यात्रा निकालते हुए उन्हें घर तक लेकर आए। अपने जिगर के टुकड़े की एक झलक पाने के लिए परिवार का हर सदस्य उमड़ पड़ा। माता किरन बाला, पिता जोगिंद्र सिंह सहित पत्नी तनु उनके पार्थिव देह से लिपट कर रोते रहे। घर के बाहर सैंकड़ों की संख्या में उमडा जन सैलाब इस दौरान मनीष ठाकुर अमर रहे के जयघोष लगाता रहा।