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सिरमौर: कुरुड़ स्थापना के साथ शांत महायज्ञ संपन्न, हजारों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी

आंजभोज क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं पवित्र धनला स्थित शिरगुल-बिजट महाराज मंदिर में आयोजित विशाल शांत महायज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह का समापन बुधवार को कुरुड़ स्थापना के साथ हुआ। इस अलौकिक और दुर्लभ क्षण का साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से धनला पहुंचे। महाराज के पवित्र कुरुड़ को तैयार कर ठूंडू बिरादरी के सुरक्षा कवच और कड़े पहरे में रखा गया था। बुधवार को वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच इसे मंदिर शिखर पर स्थापित किया गया। कुरुड़ निर्माण कार्य से जुड़े वरिष्ठ कारीगर सुखराम और बलबीर ने बताया कि कुरुड़ तैयार करना केवल शिल्पकला नहीं, बल्कि एक तपस्या है। निर्माण के दौरान उन्हें उपवास रखना पड़ता है और महाराज की आज्ञा मिलने तक भोजन ग्रहण नहीं किया जाता। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। दिनभर अटूट भंडारे का आयोजन चलता रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समूचे क्षेत्र में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। समारोह में मौजूद एसडीएम पांवटा द्विज गोयल ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन वास्तव में एक शांत महायज्ञ साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि बीते दिन लगभग 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि समापन अवसर पर 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मंदिर समिति अध्यक्ष हिरदा राम ठूंडू, देवराज नेगी, संतराम ठूंडू, राजेंद्र नेगी समेत क्षेत्रवासियों और सेवादारों की गहरी आस्था तथा समर्पण के कारण इतनी विशाल व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित हो सकी। धनला स्थित शिरगुल-बिजट महाराज मंदिर प्रदेश का इकलौता मंदिर माना जाता है, जहां दो भाई शिरगुल महाराज और बिजट महाराज एक ही मंदिर में विराजमान हैं। महायज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा समारोह को सफल बनाने में मंदिर समिति, खत आंजभोज, स्थानीय ग्रामीणों और विभिन्न विभागों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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