देहरादून-चंडीगढ़ नेशनल हाइवे 7 पर पांवटा भुपपुर में एक महीने से धरने पर बैठे ग्रामीणों की हिम्मत की दात देते हुए आंदोलन को लीड कर रहे नाथूराम चौहान ने कहा की आखिर 4 साल बाद पांवटा के नेताओं को लोगों की याद तब आई जब ये लोग एक महीने से गर्मी में महिला बच्चे बुजुर्ग अपना घर बार छोड़ कर बैठे थे, अच्छा होता यदि जो भाग दौड़ नेता अब कर रहे है वह 4 साल पहले कर लेते तो आज लोगों को इस तरह परेशान नहीं होना पड़ता। उन्होंने कहा कि जब तक एक एक इंच की एक एक पाई किसानों को नहीं मिल जाती तब तक वह किसानों के साथ कंधे से कंधा मिला कर आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे।